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चेन्नई। शौक के लिए पालतू जानवर रखने और बाद में उन्हें सड़कों पर लावारिस छोड़ देने वालों के खिलाफ चेन्नई कॉर्पोरेशन ने सख्त रुख अपनाया है। पालतू जानवरों की जिम्मेदारी से बचने और उन्हें बेसहारा छोड़ने की बढ़ती समस्या पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अक्सर लोग कुत्ते, बिल्ली या दूसरे जानवरों को घर में पालना शुरू करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनकी देखभाल में परेशानी होने पर उन्हें सड़क या सार्वजनिक स्थान पर छोड़ देते हैं। इससे न केवल जानवरों की जिंदगी खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
चेन्नई कॉर्पोरेशन का जोर इस बात पर है कि पालतू जानवर रखना केवल शौक नहीं, बल्कि लंबे समय की जिम्मेदारी है। पशुपालकों को अपने पालतू जानवरों की देखभाल, भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्हें मनमाने तरीके से सड़कों पर छोड़ना स्वीकार्य नहीं होगा।
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य पालतू जानवरों को लावारिस छोड़े जाने की घटनाओं को कम करना और जिम्मेदार पेट ओनरशिप को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही लोगों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि किसी जानवर को घर लाने से पहले उसकी पूरी जिंदगी की देखभाल करने की तैयारी जरूरी है।
ऐसे में पालतू जानवर रखने की योजना बना रहे लोगों को पहले अपनी आर्थिक स्थिति, उपलब्ध समय और देखभाल की क्षमता पर विचार करने की सलाह दी जा रही है। जानवरों को अपनाने के बाद उनकी जिम्मेदारी से पीछे हटना उनके लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।
जनता से रिश्ता इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। यह जानकारी जनस्रोतों और सोशल मीडिया माध्यमों से प्राप्त हुई है।
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